कैसे भूलूँ तेरी बातें वो तेरा का संग
तेरे बदन की खुशबू, तेरे चलने का ढंग,
हवाएं चलने लगती हैं जब चलता हूँ तेरे संग,
जाती हो जब दूर मुझसे तो हो जाता हूं थोड़ा तंग,
गाने लगता हैं मेरा मन जब तू नहीं होती मेरे संग,
कैसे भूलूँ तेरी बातें वो तेरा का संग
होंठ गुलाबी, सुन्दर आँखें और गालों का रंग.
